
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है. इसमें हाथ में लाल प्याज़ लिए एक महिला अपनी बेटी में दिखाई दे रहे लक्षणों के बारे में बताती हैं.
वह कहती हैं, ‘अगर आपको ज़ुकाम है, तो प्याज़ को गोल काटकर मोज़े में रखिए और उसे पहनकर पूरी रात सो जाइए.’
कच्चे प्याज़ से बीमारी ठीक होने का दावा करने वाला यह कोई अकेला वीडियो नहीं है. सोशल मीडिया पर ऐसे दावे बार-बार सामने आते रहते हैं.
कुछ लोग बीमार बच्चों के माता-पिता को भी यह नुस्ख़ा आज़माने की सलाह देते हैं. दावा किया जाता है कि पैरों पर कच्चा प्याज़ रखने से ‘तेज़ बुख़ार ठीक हो जाता है’, ‘कीटाणु और बैक्टीरिया मर जाते हैं’, ‘शरीर में जमा ज़हरीले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं’ और यहां तक कि ‘ख़ून भी साफ़ हो जाता है.’https://flo.uri.sh/visualisation/25801917/embed?auto=1
लेकिन क्या प्याज़ रखने से ऐसा कुछ हो सकता है?
प्याज़ एलियम परिवार की सब्ज़ी है और सेहतमंद खाने का हिस्सा हो सकता है.
इसमें विटामिन सी, फ़ाइबर और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. प्याज़ में क्वेरसेटिन भी होता है. यह पौधों में पाया जाने वाला एक तत्व है, जिसके सूजन कम करने वाले गुणों पर अध्ययन हुआ है.
शोध से पता चलता है कि प्याज़ में मौजूद ये तत्व दिल और पेट की सेहत के लिए फ़ायदेमंद हो सकते हैं. ये ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में भी मदद कर सकते हैं.
लेकिन प्याज़ खाने से मिलने वाले इन फ़ायदों और इस दावे में बड़ा अंतर है कि वह शरीर से ज़हरीले पदार्थ बाहर निकाल सकता है या किसी संक्रमण को ठीक कर सकता है.